बिलासपुर में अवैध कॉलोनाइजर्स के खिलाफ नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। यहां कुछ दिनों पहले सरकारी जमीन पर अवैध प्लाटिंग की गई थी, जिससे शहर का मास्टर प्लान प्रभावित हो रहा था। नगर निगम ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 निर्माणाधीन मकान और बाउंड्रीवॉल को जमींदोज किया। यह कार्रवाई नगर निगम की टीम ने सैदा रोड और उसलापुर में की।
बिलासपुर में अवैध कॉलोनाइजर्स ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था। इस अवैध प्लाटिंग के चलते स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी थी। नगर निगम ने यह कार्रवाई ऐसे समय में की है जब शहर में अवैध कॉलोनियों का बढ़ता जाल चिंता का विषय बन रहा था। स्रोतों के अनुसार, कॉलोनाइजर अनूप चड्ढा ने बिना किसी अनुमति के सैदा रोड पर करीब 3 एकड़ जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर दी थी। इसके अलावा, उसलापुर में शिवराज सिंह ने भी 2 एकड़ भूमि पर अवैध निर्माण शुरू कर दिया था। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन कॉलोनियों का विकास बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और नगर निगम से ले-आउट पास कराए किया गया था। यह कार्रवाई 15 अक्टूबर को हुई। नगर निगम की टीम ने सुबह के समय इन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त किया। स्थान पर बिजली के पोल भी उखाड़े गए, जो अवैध कॉलोनियों की पहचान थे। नगर निगम की इस कार्रवाई में मुख्य भूमिका निभाने वाले अधिकारियों में भवन अधिकारी अनुपम तिवारी और जोन कमिश्नर रंजना अग्रवाल शामिल थे। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नियमित रूप से की जा रही है।
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि इस तरह की अवैध कॉलोनियों का विकास शहर के मास्टर प्लान को बाधित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आवासीय क्षेत्रों में बिना स्वीकृति के निर्माण से नागरिक सुविधाओं में कमी आती है। इसीलिए, अवैध प्लाटिंग के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "यह बहुत जरूरी था। अवैध कॉलोनियों के चलते हमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।" वहीं, कुछ लोगों ने सवाल किया कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ एक बार की है या इसे निरंतरता दी जाएगी।