धमतरी। धमतरी के बहुचर्चित भोयना तिहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच वयस्क आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद जब पुलिस दोषियों को जेल ले जाने के लिए न्यायालय परिसर से बाहर ला रही थी, तभी मृतकों के परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने आरोपियों पर चप्पलें फेंकी और उनके साथ हाथापाई की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली और आरोपियों को सुरक्षा घेरे में जेल रवाना किया।

अन्नपूर्णा ढाबे के पास हुई थी तीन युवकों की हत्या
मामला ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबे के पास हुई उस वारदात से जुड़ा है, जिसने पूरे जिले को हिला दिया था। यहां रायपुर निवासी तीन युवकों आलोक सिंह ठाकुर, नितिन टांडी और सुरेश हियाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए कुल आठ आरोपियों को प्रकरण में शामिल किया था। इनमें पांच वयस्क और तीन विधि से संघर्षरत बालक बताए गए।

पांच आरोपियों को मिली उम्रकैद
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर पांच आरोपियों को दोषी माना गया।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में

  • गोपी दीवान – 20 वर्ष
  • गौतम दीवान – 22 वर्ष
  • कुलेश्वर नेताम – 25 वर्ष
  • रणवीर साहू – 20 वर्ष
  • आशुतोष ध्रुव – 19 वर्ष

शामिल हैं। अदालत ने सभी पांचों को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं तीन नाबालिग आरोपियों से संबंधित कार्रवाई किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष नियमानुसार जारी है।Dhamtari Triple Murder Case

फैसला आया तो कोर्ट के बाहर फूटा गुस्सा
फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस जब दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय परिसर से बाहर लेकर निकली, तभी माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। मृतकों के परिजनों ने आरोपियों को देखते ही विरोध शुरू कर दिया। गुस्साए परिजनों ने चप्पलें फेंकीं और कुछ लोगों ने आरोपियों तक पहुंचकर मारपीट करने की कोशिश भी की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने तुरंत घेरा बनाया और दोषियों को परिजनों से दूर करते हुए सुरक्षित वाहन तक पहुंचाया। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया।

परिजनों की मांग- उम्रकैद नहीं, फांसी चाहिए
अदालत के फैसले के बावजूद मृतकों के परिजन संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना है कि तीन परिवारों के जवान बेटों की हत्या के लिए उम्रकैद पर्याप्त सजा नहीं है। परिजनों ने फांसी की सजा की मांग करते हुए कहा कि वे मामले में आगे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।

तीन परिवारों के लिए इंसाफ की लड़ाई अभी बाकी?
कोर्ट के फैसले ने तिहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों के खिलाफ सुनवाई के एक अहम चरण को पूरा कर दिया है, लेकिन मृतकों के परिजन अब भी अधिक कठोर सजा की मांग पर कायम हैं। न्यायालय के बाहर दिखा परिजनों का गुस्सा बताता है कि फैसला आने के बाद भी तीन परिवारों का दर्द कम नहीं हुआ है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।