सरगुजा : मैनपाट के जंगल से भटककर सोमवार सुबह एक भालू अचानक समनिया गांव की बस्ती में पहुंच गया। घर के बाहर बैठकर धूप सेंक रहे तीन बुजुर्गो को भालू ने निशाना बना लिया। कुछ समझ पाते, इससे पहले ही भालू ने तीनों पर हमला कर दिया। पंजे और दांत से किए हमले में दंपती समेत तीन ग्रामीण घायल हो गए। बुजुर्गो की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर भालू को जंगल की ओर खदेड़ा।

बातचीत कर रहे थे तीनों, तभी सामने आ गया भालू

घटना सोमवार सुबह करीब 8 बजे की है। ग्राम समनिया निवासी फुलेश्वरी मझवार (65), उनके पति नेहरू मझवार (70) और सियाराम कुजूर (70) घर के बाहर बैठकर धूप सेंकते हुए आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान जंगल की ओर से भटकता हुआ भालू बस्ती में आ गया। इससे पहले कि तीनों कुछ समझ पाते, भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। भालू ने तीनों को जमीन पर गिरा दिया और पंजे से हमला करने के साथ दांत से काटना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से बुजुर्गो में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने खुद को बचाने के लिए संघर्ष करते हुए मदद के लिए आवाज लगाई।

डंडे लेकर दौड़े ग्रामीण, तब जंगल में भागा भालू

चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हाथों में डंडे लिए और शोर मचाते हुए भालू को घेरने की कोशिश की। लोगों की भीड़ देखकर भालू वहां से भाग निकला और वापस जंगल की ओर चला गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल तीनों बुजुर्गो को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

महिला की हालत गंभीर, अंबिकापुर किया रेफर

हमले में फुलेश्वरी मझवार को सबसे ज्यादा चोटें आई हैं। उनके सिर, हाथ और पीठ पर गहरे जख्म हुए हैं। तीनों घायलों को सिविल अस्पताल कमलेश्वरपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर हालत को देखते हुए फुलेश्वरी को अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं नेहरू मझवार और सियाराम कुजूर का कमलेश्वरपुर अस्पताल में इलाज जारी है।

अस्पताल पहुंचा वन अमला, ग्रामीणों को किया सतर्क

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची और घायलों के इलाज में मदद की। घटना के बाद समनिया गांव में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने और आसपास भालू की मौजूदगी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

मैनपाट वन क्षेत्र में भालुओं का विचरण आम है। कई बार भालू जंगल से निकलकर सड़क और आबादी के आसपास दिखाई देते हैं, लेकिन सोमवार को पहली बार इस तरह बस्ती के भीतर पहुंचकर तीन ग्रामीणों पर हमले की घटना सामने आई। इससे ग्रामीणों में वन्यजीवों को लेकर डर और बढ़ गया है।