
मुंगेली। ऑनलाइन ठगों के रोज बदलते पैंतरों ने आम आदमी की नींद उड़ा दी है। पुलिस की अपनी कार्रवाई जारी है, लेकिन जमीनी जागरूकता के बिना ठगों के इस जाल को काटना आसान नहीं। इसी हकीकत को देखते हुए मुंगेली प्रशासन और पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है। जिले के ग्रामीण इलाकों में अब बिहान योजना की दीदियां साइबर सुरक्षा का मोर्चा संभालेंगी। 'साइबर दीदी' के रूप में तैयार इन महिलाओं का मुख्य काम गांव-गांव जाकर लोगों को डिजिटल ठगी के खतरों से आगाह करना होगा।
गुरुवार 8 अक्टूबर को जिला पंचायत सभाकक्ष में 'पहल' कार्यक्रम के तहत इस अभियान की शुरुआत हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भोजराम पटेल के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ गोकुल राम रावटे की मौजूदगी में यह कार्यशाला रखी गई। यहां स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और बिहान दीदियों को साइबर अपराधियों की पूरी कार्यप्रणाली बारीकी से समझाई गई। उन्हें बताया गया कि कैसे शातिर ठग फर्जी कॉल, यूपीआई, क्यूआर कोड और सोशल मीडिया के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा रहे हैं।
अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि बैंक या कोई भी सरकारी महकमा कभी फोन पर खाते की जानकारी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगता। इसके बावजूद लोग फर्जी केवाईसी, कस्टमर केयर और डिजिटल गिरफ्तारी जैसी धमकियों के झांसे में आ जाते हैं। महिलाओं को हिदायत दी गई कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। अनजान क्यूआर कोड को बिल्कुल स्कैन न करें। मोबाइल पर आने वाले लुभावने संदेशों की पड़ताल किए बिना उन पर भरोसा न करें। व्हाट्सएप का ऑटो डाउनलोड फीचर हमेशा बंद रखें और अपना सिम सिर्फ अपने ही नाम पर रखें।
गांवों में बिहान दीदियां पहले से ही आजीविका और सामाजिक कामों का हिस्सा हैं। उनकी जमीनी पकड़ काफी मजबूत होती है। प्रशासन इसी नेटवर्क का इस्तेमाल 'हर गांव-हर घर' तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए कर रहा है। कार्यशाला में हेल्पलाइन नंबर 1930 की उपयोगिता भी बताई गई। महिलाओं को बताया गया कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी की घटना हो जाए, तो बिना वक्त गंवाए तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना मिलने से ठगी गई रकम के होल्ड होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
इधर, छत्तीसगढ़ पुलिस के 'साइबर जागृति अभियान' के आंकड़े भी जारी हुए हैं। इस राज्य स्तरीय अभियान में मुंगेली जिले ने पूरे प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि पर एसएसपी भोजराम पटेल ने अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के समानांतर आम जनता की जागरूकता ही साइबर अपराध रोकने का कारगर हथियार है। इस आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, पंचायत उपसंचालक शिवानी सिंह सहित जनपद पंचायत के सीईओ, पुलिस व पंचायत अमले के साथ बड़ी संख्या में बिहान दीदियां उपस्थित रहीं।
