नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। हालिया घटनाक्रम में दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दावे किए हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान से जुड़े कुछ रडार और ड्रोन नियंत्रण ठिकानों को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि यह कदम उसके सैन्य संसाधनों और निगरानी अभियानों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया।

अमेरिकी पक्ष का दावा है कि कार्रवाई के दौरान कुछ हवाई सुरक्षा प्रणालियों और ड्रोन संचालन से जुड़े उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं अधिकारियों ने कहा कि इस ऑपरेशन में अमेरिकी सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ। दूसरी ओर, ईरान के सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि उसने उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिन्हें वह हालिया हमलों से जोड़कर देख रहा है। हालांकि दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और जवाबी कार्रवाइयों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते हैं, तो क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के कुछ बिंदुओं पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं और दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक बातचीत, दोनों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।