अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भीषण आग की घटना के बाद मुकेश प्लास्टिक-पटाखा एजेंसी के संचालकों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई पड़ोसी प्रफुल्ल पांडेय की शिकायत पर की गई, जिनका मकान भी आग की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। इस घटना ने शहर में सुरक्षा मानकों और खतरनाक भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस ने मुकेश अग्रवाल और उनके करीबी प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एजेंसी में बड़ी मात्रा में पटाखों का असुरक्षित भंडारण किया गया था, जिसके कारण आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हुए। इस लापरवाही ने आसपास के घरों और लोगों की जान को खतरे में डाल दिया।comp-134-11776936713_1776998213

बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर राम मंदिर के सामने स्थित गली में इस एजेंसी की ऊपरी मंजिल पर गैस वेल्डिंग के दौरान आग भड़की। प्लास्टिक और थर्मोकोल जैसे ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती गई और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पटाखों के धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई और आग नीचे की मंजिलों तक पहुंच गई।

दमकल की कई टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन घटना के 55 घंटे बाद भी इमारत के भीतर सुलगन जारी रही। इस आगजनी में लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया, जबकि आसपास के कम से कम छह मकान प्रभावित हुए। आग के बाद तीन मंजिला इमारत गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर गिरने की स्थिति में पहुंच गई है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।comp-1-517769316051776933519_1776998193

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक विशेष जांच टीम गठित की है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं। टीम को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आग लगने के कारणों और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण किया जा सके।

इस घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है और कुछ बयानों पर आपत्ति जताई है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और प्रभावित परिवारों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।