रायपुर/गुवाहाटी ।  डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के एक मामले की जांच करने असम गई छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम स्वयं एक बड़े विवाद में उलझ गई है। असम पुलिस ने गुवाहाटी में छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों पर 2.5 लाख रुपये की अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस की 7 सदस्यीय टीम को असम में हिरासत में ले लिया गया है।

क्या है पूरा मामला?


राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाने में पिछले दिनों 17 लाख रुपये की 'डिजिटल अरेस्ट' (साइबर फ्रॉड) का एक बड़ा मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की विवेचना के दौरान आरोपियों की लोकेशन असम के गुवाहाटी में ट्रेस हुई थी। आरोपियों की धरपकड़ के लिए रायपुर से सात पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गुवाहाटी रवाना की गई थी। इस टीम में टिकरापारा थाने के टीआई (TI) रविंद्र यादव, क्राइम ब्रांच में पदस्थ आरक्षक साबिर सहित पांच अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

असम पुलिस के गंभीर आरोप

गुवाहाटी पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ की टीम ने वहां दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इसके बाद टीम ने दूसरे संदिग्ध को पकड़ने के बजाय उसे छोड़ने के एवज में 2.5 लाख रुपये की अवैध वसूली की। असम पुलिस का दावा है कि उन्होंने 2.5 लाख रुपये की वह नकदी उस वाहन से बरामद भी कर ली है, जिसका उपयोग छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम कर रही थी। इस जब्ती के तत्काल बाद पूरी टीम को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर लिया गया।

रायपुर पुलिस कमिश्नर ने कहा ये महज गलतफहमी 

इस पूरे विवाद पर रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने आधिकारिक बयान देते हुए स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस पर लगे वसूली के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल एक 'गलतफहमी' करार दिया है।
डॉ. शुक्ला ने साफ किया, "हमारी टीम असम में साइबर ठगी से जुड़े प्रकरण में पैसों की विधिवत रिकवरी के लिए गई थी। जो नकदी असम पुलिस ने बरामद की है, वह वास्तव में इस मामले की वैध रिकवरी का ही हिस्सा है। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच स्पष्ट संवाद की कमी के कारण यह असमंजस की स्थिति निर्मित हुई है।" उन्होंने जानकारी दी कि असम के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ इस संबंध में निरंतर बातचीत चल रही है और जल्द ही तथ्यों के आधार पर इस भ्रम को दूर कर लिया जाएगा।

प्रशासनिक स्तर पर समन्वय का अभाव

यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि असम और छत्तीसगढ़, दोनों ही राज्यों में वर्तमान में एक ही दल (भाजपा) की सरकार है। इसके बावजूद अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय में यह बड़ी चूक देखने को मिली है। एक ओर छत्तीसगढ़ पुलिस इसे कानूनी 'रिकवरी' बता रही है, वहीं असम पुलिस इसे 'जबरन वसूली' मानते हुए एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
बहरहाल, दोनों राज्यों के पुलिस मुख्यालय इस विवाद को सुलझाने में जुटे हुए हैं।