भिलाई (दुर्ग)। रायपुर-दुर्ग रेलवे चौथी लाइन निर्माण प्रोजेक्ट में 57 टन टीएमटी स्टील (सरिया) की चोरी के मामले में नया मोड़ आ गया है। भिलाई भट्टी थाने में पावरमैक प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की ओर से जो एफआईआर (FIR 0094) लिखवाई गई है, सूत्रों के मुताबिक वह फर्जी हो सकती है। चर्चा है कि कंपनी के संचालक ने इंश्योरेंस का पैसा और टैक्स का लाभ लेने के लिए माल गायब होने की यह पूरी स्क्रिप्ट तैयार की है। इतना ही नहीं, मामले में मनचाही कार्रवाई के लिए कंपनी मालिक एक रसूखदार पुलिस अफसर के जरिए स्थानीय भट्टी पुलिस पर लगातार दबाव डलवा रहा है।

एफआईआर में कंपनी के जनरल मैनेजर संतोष कुमार सिन्हा ने शिकायत दी है कि भिलाई पावर हाउस स्थित अस्थायी गोदाम से 57.046 मीट्रिक टन सरिया गायब हो गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4) और 3(5) में केस दर्ज किया है। इस मामले में चार लोगों को नामजद किया गया है। इनमें पावरमैक के स्टोर सुपरवाइजर आकर्षित यादव, आरआरपीएल (सब-कॉन्ट्रैक्टर) के साइट इंचार्ज ओम प्रकाश तिवारी के साथ-साथ टीजीएस लॉजिस्टिक्स के दो ट्रेलर ड्राइवर आमीर खान (ट्रेलर CG 19 HA 9923) और ईरशाद खान (ट्रेलर CG 04 JC 6511) शामिल हैं।

सूत्रों का कहना है कि पूरी शिकायत में कई झोल हैं। आशंका है कि टैक्स बचाने और बीमा राशि का बड़ा क्लेम उठाने की नीयत से माल की चोरी दिखाई गई है। जिन चार कर्मचारियों को इस केस में फंसाया गया है, उन्हें सिर्फ मोहरा बनाया गया है। गोदाम में सुरक्षा गार्ड की तैनाती थी, ऐसे में इतने भारी मात्रा में सरिया बिना ऊपरी इशारे के गायब होना मुमकिन नहीं लगता। ऊपर से पुलिस के बड़े अफसर का दबाव इस पूरे प्रकरण को और भी संदिग्ध बना रहा है।

कंपनी का गणित और शिकायत की कहानी

जीएम संतोष सिन्हा ने पुलिस को बताया कि 18 से 30 अप्रैल 2026 के बीच जेएसडब्ल्यू और बजरंग पावर से कुल 508.590 मीट्रिक टन टीएमटी सरिया खरीदा गया था। रेलवे लाइन प्रोजेक्ट में करीब 30.764 मीट्रिक टन सरिया इस्तेमाल कर लिया गया। इसके बाद 27 से 29 मई 2026 के बीच राजनांदगांव के मां भगवती इलेक्ट्रॉनिक वेट ब्रिज पर बचे हुए सरिये को तौला गया। वहां वजन 420.780 मीट्रिक टन निकला। हिसाब करने पर कुल 57.046 मीट्रिक टन सरिया कम पाया गया। कंपनी का आरोप है कि स्टोर सुपरवाइजर आकर्षित यादव की जिम्मेदारी वाले गोदाम से ही यह गबन हुआ है।

कैसे हुई इंटरनल जांच

वजन कम निकलने की जानकारी सबसे पहले राजनांदगांव स्टोर इंचार्ज वेंकट चौधरी को मिली थी। उन्होंने हैदराबाद मुख्यालय के बड़े अफसरों को बताया। इसके बाद विजय वर्मा, प्रणव परमार और राहुल रिचारिया की तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति बनी। समिति ने अपनी रिपोर्ट दी और उसके बाद पुलिस में शिकायत की गई।

फिलहाल भट्टी पुलिस के सामने चुनौती यह है कि वह शिकायत के मुताबिक चोरी गए सरिये की पड़ताल करे या फिर सूत्रों के हवाले से आ रही 'फर्जी रिपोर्ट और इंश्योरेंस घोटाले' वाले एंगल की जांच करे। मामले की जांच जारी है।