नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पुरानी बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, करीब 40 से 50 साल पुरानी इस इमारत में PG संचालित हो रहा था और यहां बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है। बचाए गए लोगों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और DDMA की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

दोपहर में अचानक ढह गई इमारत, मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि इमारत में करीब 75 बेड वाला PG संचालित किया जा रहा था। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, हादसे के समय इमारत के निचले हिस्से में मरम्मत का काम चल रहा था। इसके कुछ ही देर बाद पूरी संरचना भरभराकर नीचे आ गई। देखते ही देखते सड़क और आसपास का इलाका मलबे से पट गया और वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद NDRF और DDMA की टीमें भी राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं। भारी मलबे के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीमों ने मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया।

10 लोगों को सुरक्षित निकाला, कई के फंसे होने की आशंका
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें दो घायल बताए जा रहे हैं, जिनकी हालत गंभीर है। अधिकारियों के मुताबिक मलबे के अंदर अभी और लोगों के दबे होने की आशंका है। स्थानीय विधायक अनिल शर्मा ने भी बताया कि कुछ लोगों की ओर से अंदर से फोन किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे रेस्क्यू टीमों की उम्मीद बनी हुई है। मलबा हटाने के दौरान बेहद सावधानी बरती जा रही है, क्योंकि आसपास की संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है। एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को भी खाली करा लिया गया है।