रायपुर। छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन अभियान के बीच स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। दावा है कि टीबी संक्रमण की स्क्रीनिंग और preventive treatment से जुड़े Cy-Tb टेस्ट के करीब एक लाख डोज राज्य के औषधि भंडार में पड़े हैं और नवंबर में उनकी वैधता समाप्त हो जाएगी। इनकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से करीब एक साल पहले बड़ी संख्या में Cy-Tb वायल छत्तीसगढ़ भेजे गए थे। लेकिन इनके उपयोग के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और कार्यक्रम स्तर पर समुचित इस्तेमाल नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक बचा रह गया। अब एक्सपायरी नजदीक आने के बाद इस स्टॉक के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं।

सालभर पहले आया स्टॉक, अब एक्सपायरी की चिंता
जानकारी के मुताबिक, करीब डेढ़ लाख Cy-Tb वायल छत्तीसगढ़ भेजे गए थे। इनका उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में जरूरत के मुताबिक वितरण कर TB संक्रमण के जोखिम वाले लोगों की स्क्रीनिंग में इस्तेमाल करना था। शुरुआती चरण में रायपुर जिले में स्वास्थ्यकर्मियों की स्क्रीनिंग के लिए कुछ वायल का उपयोग किया गया। इसके बाद नियमित स्तर पर इनका इस्तेमाल नहीं हो सका और बड़ी मात्रा में स्टॉक राज्य के औषधि भंडार में ही पड़ा रहा। अब नवंबर में एक्सपायरी की तारीख नजदीक आने के कारण विभाग के सामने स्टॉक के उपयोग या उसके निपटारे की चुनौती खड़ी हो गई है।

एक वायल में 10 डोज, कीमत करीब 300 रुपये प्रति डोज
बताया गया है कि एक Cy-Tb वायल में करीब 10 डोज होते हैं। एक डोज की अनुमानित कीमत लगभग 300 रुपये बताई जा रही है। इसी आधार पर राज्य में बचे करीब एक लाख डोज की कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। हालांकि, वास्तविक सरकारी खरीद लागत, उपलब्ध स्टॉक और मौजूदा वैधता की आधिकारिक स्थिति विभागीय रिकॉर्ड से स्पष्ट होना बाकी है।

रायपुर में इस्तेमाल हुआ सीमित स्टॉक
रायपुर के सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी के मुताबिक, जिले को close contacts की स्क्रीनिंग के लिए 120 वायल मिले थे। इनमें से 20 वायल का इस्तेमाल किया गया, जबकि शेष 100 वायल मांग के आधार पर बिलासपुर भेजे जाने की जानकारी दी गई। उन्होंने राज्य स्तर पर उपलब्ध स्टॉक के संबंध में जानकारी नहीं होने की बात कही है।

क्या है Cy-Tb टेस्ट?
Cy-Tb एक skin test है, जिसका इस्तेमाल Mycobacterium tuberculosis संक्रमण के प्रति शरीर की immune response को देखने के लिए किया जाता है। केंद्रीय TB डिवीजन ने इसके उपयोग को लेकर SOP और FAQ जारी किए हैं। टेस्ट में निर्धारित प्रक्रिया के तहत त्वचा में टेस्ट सामग्री दी जाती है और निर्धारित समय के बाद उसकी प्रतिक्रिया का चिकित्सकीय आकलन किया जाता है। इसके परिणाम के आधार पर डॉक्टर आगे की जांच और preventive treatment की जरूरत तय कर सकते हैं। यानी इसे अकेले active TB की अंतिम पुष्टि करने वाला टेस्ट नहीं माना जाना चाहिए। मरीज की स्थिति के अनुसार चिकित्सक अन्य जांचों का भी सहारा लेते हैं।

TB मरीजों के संपर्क में आने वालों की स्क्रीनिंग में उपयोग
Cy-Tb का इस्तेमाल खासतौर पर TB संक्रमण के संपर्क में आने वाले या संक्रमण के अधिक जोखिम वाले लोगों की स्क्रीनिंग और preventive treatment से जुड़े कार्यक्रमों में किया जाता है। राष्ट्रीय TB उन्मूलन कार्यक्रम में TB preventive treatment को लेकर अलग दिशा-निर्देश भी उपलब्ध हैं। ऐसे में यदि बड़ी मात्रा में टेस्ट सामग्री समय पर इस्तेमाल नहीं हो पाती है, तो इसका असर कार्यक्रम की प्रभावशीलता के साथ सरकारी संसाधनों के उपयोग पर भी पड़ सकता है।

दूसरी ओर Truenat/CBNAAT जांच किट की उपलब्धता पर भी सवाल
इधर, TB की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाली molecular testing व्यवस्था को लेकर भी संसाधनों की कमी की शिकायत सामने आने की बात कही जा रही है। मरीजों की स्क्रीनिंग में एक्स-रे के साथ molecular testing महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दावा है कि कुछ स्थानों पर संबंधित जांच किट की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, जिससे उपलब्ध मशीनों की क्षमता के अनुरूप जांच नहीं हो पा रही। यदि यह स्थिति सही है, तो एक तरफ करोड़ों रुपये की टेस्ट सामग्री एक्सपायरी के करीब पहुंचना और दूसरी तरफ जांच संसाधनों की कमी, दोनों ही स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रबंधन पर सवाल खड़े करते हैं।

विभाग के सामने अब स्टॉक बचाने की चुनौती
राष्ट्रीय स्तर पर TB उन्मूलन कार्यक्रम के तहत राज्यों में screening, diagnosis और preventive treatment को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय TB डिवीजन की वेबसाइट पर भी छत्तीसगढ़ के लिए TB उन्मूलन कार्यक्रम और preventive treatment से जुड़े दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि राज्य के स्टोर में मौजूद Cy-Tb स्टॉक की वास्तविक मात्रा कितनी है, कितने वायल की expiry नवंबर में है और कितने स्टॉक को समय रहते उपयोग किया जा सकता है। इन सवालों पर स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत स्थिति सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।