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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कर्नाटक दौरे पर रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में समान नागरिक संहिता (UCC), पेपर लीक विवाद, कांग्रेस के अनिश्चितकालीन धरने और कानून-व्यवस्था सहित कई अहम मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि पेपर लीक मामलों में केंद्र सरकार की कार्रवाई की सराहना करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात दोहराई।
कर्नाटक में स्वर्ण जयंती समारोह में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनका कर्नाटक दौरा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा है। इस दौरान वे सत्य साईं ग्राम के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों से मुलाकात और अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।
पेपर लीक पर PM मोदी की पहल की सराहना
पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर का गंभीर विषय है और केंद्र सरकार इसे पूरी प्राथमिकता के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस के धरने पर तीखा हमला
रायपुर में कांग्रेस के अनिश्चितकालीन धरने पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
UCC को लेकर दिया बड़ा संकेत
समान नागरिक संहिता (UCC) पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली समिति अपनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं, तो आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में UCC से संबंधित विधेयक या प्रस्ताव लाया जा सकता है।
सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन, कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दोहराया कि चाहे पेपर लीक का मामला हो या कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई घटना, सरकार किसी भी तरह की अनियमितता या हिंसा के प्रति सख्त रुख अपनाएगी।