नई दिल्ली। ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अहम संकेत सामने आया है। एक LNG टैंकर के Strait of Hormuz को पार करने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग गतिविधियों पर फिर से ध्यान खींचा है। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह टैंकर अब भारत के पश्चिमी तट के करीब देखा गया है, जो फरवरी के बाद पहली बार इस मार्ग से गुजरने का संकेत देता है।

बताया जा रहा है कि यह उच्च क्षमता वाला टैंकर ADNOC Logistics & Services से जुड़ा है और कई हफ्तों तक ट्रैकिंग सिस्टम से गायब रहने के बाद दोबारा नजर आया। डेटा प्लेटफॉर्म्स ने संकेत दिया है कि जहाज ने बिना स्पष्ट व्यवधान के जलडमरूमध्य पार किया, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अब तक सामने नहीं आई है। इस दौरान जहाजों द्वारा लोकेशन छिपाने या गलत पहचान संकेत भेजने जैसी रणनीतियों के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मार्ग पर शिपिंग गतिविधियां सामान्य होती हैं, तो यह वैश्विक गैस सप्लाई के लिए राहत का संकेत हो सकता है। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए इसे स्थायी ट्रेंड मानना जल्दबाजी होगी। पहले भी कुछ टैंकरों ने इस मार्ग को पार करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी।

भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा असर LNG सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार और नीति-निर्माताओं की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में और कितने टैंकर इस संवेदनशील मार्ग से सुरक्षित गुजर पाते हैं।