
रायपुर: रायपुर में कानून और शिक्षा से जुड़ा एक अनोखा मामला चर्चा का विषय बन गया, जब सेंट्रल जेल में बंद एक आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच NEET UG री-एग्जाम दिलाने परीक्षा केंद्र ले जाया गया। हाईकोर्ट की अनुमति के बाद आरोपी को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसने अन्य अभ्यर्थियों की तरह परीक्षा में हिस्सा लिया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहरभर में अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रहीं।
आरोपी कुणाल तरुणकर एक युवती को आत्महत्या के लिए कथित रूप से उकसाने के मामले में न्यायिक हिरासत में है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और जांच प्रक्रिया जारी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने परीक्षा में शामिल कराने के लिए विशेष इंतजाम किए। परीक्षा केंद्र तक लाने और वापस जेल पहुंचाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए आरोपी को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया, क्योंकि किसी भी व्यक्ति के शिक्षा के अधिकार को केवल आरोपों के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता।
हालांकि इस घटनाक्रम ने समाज में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। एक तरफ गंभीर आरोपों का सामना कर रहा आरोपी है, तो दूसरी ओर उसके शैक्षणिक भविष्य का सवाल। फिलहाल, मामला कानूनी प्रक्रिया के अधीन है, लेकिन जेल से परीक्षा केंद्र तक आरोपी के पहुंचने की यह घटना रायपुर में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।