
देहरादून: उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब न तो श्रद्धालु फोटो खींच पाएंगे और न ही रील या स्नैप बना सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला धाम की पवित्रता बनाए रखने और बढ़ती भीड़ के बीच अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
यह निर्णय मंदिर के कपाट खुलने से ठीक पहले लिया गया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। परंपरा के अनुसार, केदारनाथ धाम कपाट खुलना के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन शुरू होते हैं। इस वर्ष 22 अप्रैल से दर्शन प्रारंभ होंगे, जबकि यात्रा नवंबर तक जारी रहने की संभावना है। इससे पहले गौरीकुंड से बाबा केदार की डोली विधिवत रवाना हो चुकी है, जो यात्रा का महत्वपूर्ण धार्मिक चरण माना जाता है।
मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार, पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति ने मंदिर के वातावरण को प्रभावित किया है। कई बार अनुचित आचरण और भीड़ प्रबंधन में बाधा जैसी समस्याएं सामने आईं, जिसके चलते यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। इससे पहले भी प्रशासन ने मोबाइल ले जाने पर नियंत्रण की बात कही थी और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित जमा व्यवस्था की योजना बनाई थी।
चारधाम यात्रा के व्यापक संदर्भ में देखें तो चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट पहले ही खुल चुके हैं। हालांकि, इस बार यात्रा के दौरान भीड़, घोड़े-खच्चरों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिल सके।

