
बैतूल: बैतूल नगर पालिका के नए आदेश ने पालतू कुत्ते पालने वालों और आवारा कुत्तों को नियमित रूप से खाना खिलाने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब कुत्तों से जुड़ी किसी भी लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जाएगा। यदि किसी पालतू कुत्ते द्वारा किसी व्यक्ति को काटने या घायल करने की घटना सामने आती है, तो उसके लिए सीधे मालिक को जिम्मेदार माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
नगर पालिका का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं और नागरिकों की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। नए नियमों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को बिना पट्टे के घुमाने पर रोक रहेगी। साथ ही मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका पालतू जानवर किसी अन्य व्यक्ति के लिए खतरा न बने। नियमों का उल्लंघन होने पर एफआईआर और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रावधान को लेकर हो रही है, जिसमें आवारा कुत्तों को नियमित रूप से खाना खिलाने या आश्रय देने वाले लोगों को भी जिम्मेदार ठहराने की बात कही गई है। यानी किसी ऐसे कुत्ते द्वारा किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है, जिसकी देखरेख या भोजन की जिम्मेदारी कोई व्यक्ति उठा रहा है, तो जांच के दायरे में वह भी आ सकता है। इस फैसले ने पशु प्रेमियों और आम नागरिकों के बीच नई बहस छेड़ दी है।
नगर पालिका ने कुत्तों के अनिवार्य पंजीयन, एंटी रेबीज टीकाकरण और रिकॉर्ड रखने को भी जरूरी कर दिया है। प्रशासन का तर्क है कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, जबकि कई लोग इसे अत्यधिक सख्त मान रहे हैं। फिलहाल, इस आदेश के बाद शहर में पालतू पशु मालिकों और डॉग लवर्स के बीच चिंता और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।