
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य गांव नंदनी कुमान में कुछ महीनों के भीतर पांच बच्चों की मौत का मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है। मामले की पड़ताल के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सात सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति गांव का दौरा कर प्रभावित परिवारों, ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत करेगी। इसके बाद तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी। गांव में बच्चों की मौत के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में जांच के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों, बच्चों के उपचार और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
सात सदस्यीय समिति में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी को जांच समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में विधायक सावित्री मंडावी, जनक ध्रुव और हर्षिता स्वामी बघेल को शामिल किया गया है। इसके अलावा पूर्व विधायक भानूप्रताप सिंह, ममता चंद्राकर और कवर्धा जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल भी समिति का हिस्सा हैं। पार्टी ने समिति के सदस्यों को जल्द प्रभावित गांव पहुंचकर मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान मृत बच्चों के परिजनों से चर्चा करने के साथ ही ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से भी जानकारी जुटाई जाएगी।
चार महीने में पांच बच्चों की मौत, 16 बच्चों के भर्ती होने की जानकारी
यह मामला कबीरधाम जिले के रेंगाखार वनांचल क्षेत्र के ग्राम नंदनी कुमान से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गांव में पिछले करीब चार महीनों के दौरान पांच बच्चों की मौत हुई है। इसके अलावा, लगभग 16 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है।लगातार सामने आई इन घटनाओं से गांव के लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जताई है, लेकिन बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मौतों की वजह जानने के लिए जांच जरूरी
बच्चों की मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चिकित्सकीय तथ्यों और संबंधित विभागों की जानकारी सामने आना जरूरी है। जांच के दौरान बच्चों में दिखाई दिए लक्षणों, उपचार के रिकॉर्ड और स्वास्थ्य विभाग की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल, कांग्रेस की समिति गांव पहुंचकर अपनी पड़ताल करेगी। उसकी रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों से मामले की स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, बच्चों की मौत की वजह का निर्धारण आधिकारिक चिकित्सकीय जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी रहेगी नजर
एक ही गांव में कम समय के भीतर कई बच्चों की मौत और अन्य बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों की गंभीरता से जांच आवश्यक है। प्रभावित परिवारों को सही जानकारी देना और जरूरतमंद बच्चों तक समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना भी अहम है। अब निगाहें कांग्रेस की जांच समिति के दौरे और उसकी रिपोर्ट पर हैं। साथ ही, मौतों के कारणों को स्पष्ट करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जानकारी और चिकित्सकीय जांच के निष्कर्षों का इंतजार रहेगा।