
रायपुर। एलपीजी गैस की किल्लत के बीच प्रशासन ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए अहम निर्णय लिया है। अब जिले में रहने वाले विद्यार्थियों को 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे हॉस्टल और किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों को खाना बनाने में परेशानी न हो। इस फैसले को मौजूदा गैस संकट के बीच राहतभरा कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आयोजित समीक्षा बैठक में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कलेक्टोरेट परिसर में हुई इस बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों को आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र दिखाने पर प्राथमिकता के आधार पर छोटा सिलेंडर दिया जाएगा। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि पढ़ाई कर रहे युवाओं को आवश्यक सुविधाओं में बाधा न आए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है या वितरण में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में फिलहाल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की जरूरत नहीं है। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल के बाद ही अगली गैस बुकिंग की जा सकेगी। इसके अलावा, नए गैस कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन पर अस्थायी रोक भी लागू है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का संतुलित वितरण हो सके।
अधिकारियों ने अस्पतालों, आश्रमों और अन्य सामाजिक संस्थानों में गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं गैस वितरकों ने आम जनता से अपील की है कि अफवाहों से बचें और बिना वजह एजेंसियों पर दबाव न बनाएं। प्रशासन का दावा है कि यह व्यवस्था अस्थायी संकट से निपटने के लिए है और स्थिति सामान्य होते ही वितरण प्रक्रिया को फिर से सुचारु कर दिया जाएगा।




