
मेरठ। मेरठ के मुरलीपुर गांव में एक बड़ा हादसा टल गया, जब कैंडल फैक्ट्री की आड़ में कथित रूप से संचालित अवैध पटाखा यूनिट में जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और मौके पर पहुंचे लोगों के होश तब उड़ गए, जब उन्हें अंदर भारी मात्रा में बारूद, पटाखे और विस्फोटक सामग्री मिली। इस घटना ने प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से यह गतिविधि चल रही थी, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी। फैक्ट्री को कैंडल निर्माण इकाई बताकर संचालित किया जा रहा था, जबकि अंदर पटाखे और बम तैयार किए जा रहे थे। हादसे के समय परिसर में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मौजूद थी। यदि धमाका और बड़ा होता, तो आसपास के रिहायशी इलाके में भारी जनहानि हो सकती थी।
घटना के बाद पुलिस, फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने भारी मात्रा में पटाखे और निर्माण सामग्री जब्त करते हुए फैक्ट्री संचालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अवैध पटाखा फैक्ट्री इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होती रही और जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली ?