
नई दिल्ली/रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली भाजपा ने बड़ा कदम उठाते हुए डॉ. विकास गर्ग को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्हें दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक पद से हटाने के साथ ही उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है।
डॉ. विकास गर्ग को अगस्त 2024 में दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया था। गिरफ्तारी के बाद से ही उनके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की चर्चा चल रही थी। अब दिल्ली भाजपा की आधिकारिक वेबसाइट पर आर्थिक प्रकोष्ठ की सूची से भी उनका नाम हटा दिया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है।
विकास गर्ग, दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता और तीन बार विधायक रह चुके नंद किशोर गर्ग के पुत्र हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि उन्हें संयोजक पद से हटाने के साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी गई है।
ईडी ने विकास गर्ग को महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, गर्ग इस मामले में गिरफ्तार किए जाने वाले 14वें आरोपी हैं। एजेंसी का दावा है कि पूछताछ के दौरान सामने आए वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों के आधार पर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। ईडी ने अदालत से कहा कि धन के लेन-देन की पूरी श्रृंखला, उससे जुड़े दस्तावेज और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि विकास गर्ग की करीब 940 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही जब्त की जा चुकी हैं। ईडी के अनुसार, मामले की जांच आठ एफआईआर और एक ईसीआईआर के आधार पर की जा रही है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही विकास गर्ग का नाम किसी मूल एफआईआर में दर्ज नहीं है, लेकिन जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उनसे पूछताछ आवश्यक मानी गई।
ईडी का यह भी कहना है कि विकास गर्ग को पहले कई बार जांच में शामिल होने के लिए तलब किया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े इस मामले में ईडी पहले भी कई गिरफ्तारियां कर चुकी है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दायरे में छत्तीसगढ़ के कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। वहीं, विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद भाजपा द्वारा उन्हें पद और पार्टी दोनों से बाहर करने को इस पूरे मामले में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।