सरगुजा : छत्तीसगढ़ के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत नवापारा गांव में शुक्रवार देर रात महुआ शराब की गंध से आकर्षित होकर एक जंगली हाथी आबादी क्षेत्र में घुस आया। इस दौरान हाथी ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय वन विभाग की टीम आसपास मौजूद थी, लेकिन हाथी के अचानक हमलावर होने से हादसा नहीं टल सका। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। साथ ही क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात के समय जंगल और हाथियों की आवाजाही वाले इलाकों में न जाने तथा किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की है।

राजपुर वन परिक्षेत्र के बरियों सर्किल अंतर्गत रेवतपुर बीट में शनिवार रात चार हाथियों का एक दल मौजूद था। रात 9 बजे के करीब झुंड से अलग होकर एक हाथी नवापारा बस्ती की ओर आ गया। हाथी महुआ शराब की गंध से सीधे 62 वर्षीय बालम टेकाम, के घर के पास पहुंचा। घर में चार सदस्य मौजूद थे लेकिन वे दूसरी तरफ थे। हाथी ने घर के सामने का हिस्सा तोड़ दिया और वहां रखी महुआ शराब पी गया। शराब पीने के बाद हाथी वापस जंगल की ओर लौटने लगा। इसी दौरान घर से करीब 150 मीटर दूर रास्ते में बालम टेकाम का अचानक हाथी से सामना हो गया। हाथी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और सूंड़ से पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

आतंक से सहमे ग्रामीण, घरों में रहे कैद

घटना के समय घर में तीन अन्य सदस्य भी मौजूद थे, लेकिन वे घर से बाहर नहीं निकले, इसलिए सुरक्षित बच गए। उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव, वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय वर्मा सहित वन विभाग की टीम सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की।

गांव में करा रहे घोषणा, सतर्क रहने दे रहे हिदायत

अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए गजराज वाहन के माध्यम से गांव-गांव में घोषणा कराई जा रही है। ग्रामीणों को जंगल की ओर पुट्टू, खुखड़ी, लकड़ी या अन्य वनोपज संग्रह के लिए नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। हाथियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील भी लगातार की जा रही है।उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि हाथी आम, कटहल और विशेष रूप से महुआ शराब की गंध से तेजी से आकर्षित होकर बस्तियों तक पहुंच जाते हैं।

हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की विशेष निगरानी

ग्रामीणों से अपील की कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में महुआ तथा इससे निर्मित शराब खुले में न रखें। हाथियों की सूचना मिलने पर किसी भी स्थिति में उनके पास जाने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि सतर्कता और विभागीय निर्देशों का पालन ही ऐसी घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रही है। घटना के बाद नवापारा और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीण शाम होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए स्थायी उपाय किए जाएं।