दिसपुर। मणिपुर में लंबे समय से जारी तनाव के बीच आज एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। सेनापति जिले में कई घरों को आग के हवाले किए जाने के बाद दो गुटों के बीच भारी गोलीबारी हुई। हालात को नियंत्रित करने पहुंची सुरक्षा टीम के एक CRPF जवान के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि हिंसा को और फैलने से रोका जाए और इलाके में जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो।

रात से शुरू हुआ घटनाक्रम, सुबह तक बढ़ा तनाव
पुलिस के मुताबिक, हिंसा की शुरुआत पड़ोसी कांगपोकपी जिले से हुई। रात करीब 2:30 बजे कुछ अज्ञात लोगों ने तफौ कुकी गांव में एक मकान में आग लगा दी। इसके बाद तनाव सेनापति जिले तक पहुंच गया। सुबह करीब 4 बजे नागा तफौ इलाके में भी कई घरों में आगजनी की घटना सामने आई। देखते ही देखते इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

गोलीबारी के बीच CRPF जवान घायल
आगजनी के बाद सुबह करीब 9:20 बजे तफौ नागा क्षेत्र में दो पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने और इलाके में शांति बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात CRPF का एक जवान गोलीबारी की चपेट में आकर घायल हो गया। उसे तत्काल सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, उसकी हालत खतरे से बाहर है।

सुरक्षा बढ़ाई गई, इलाके की घेराबंदी
घटना के बाद प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ इलाके की निगरानी बढ़ाई गई है।प्रशासन का फोकस हिंसा को दूसरे इलाकों में फैलने से रोकने और स्थिति को नियंत्रण में रखने पर है।

गुस्से में सड़क पर उतरे लोग, NH-2 जाम
आगजनी और हिंसा के विरोध में स्थानीय लोगों ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में लोग सेनापति गेट के पास जमा हुए और राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर और लकड़ियां जलाकर आवागमन रोक दिया। इससे हाईवे पर वाहनों और आवश्यक सामान की आवाजाही प्रभावित हुई।

24 घंटे में कार्रवाई की मांग
तफौ कुकी विलेज अथॉरिटी ने घटना में हुई संपत्ति की क्षति की निंदा की है। प्राधिकरण ने प्रशासन से आगजनी और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर 24 घंटे के भीतर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आगजनी और उसके बाद हुई गोलीबारी के पीछे कौन लोग शामिल थे।

2023 से जारी है मणिपुर का जातीय संघर्ष
मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच मई 2023 से जातीय हिंसा का लंबा दौर जारी है। इस संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सेनापति की ताजा हिंसा ने एक बार फिर राज्य में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती हालात को और बिगड़ने से रोकना और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करना है।