
बिलासपुर : व्यापार विहार की बड़ी पार्किंग से एक्टिवा चोरी हो गईl मामले में तत्काल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की गई एक्टिवा बरामद कर ली है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।
दुकान जाने के लिए खड़ी की थी एक्टिवा, कुछ घंटे बाद हुई गायब
पुलिस ने बताया कि कृष्णा ट्रेडिंग के संचालक श्रीचंद भाभानी ने थाना तारबाहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 20 अगस्त 2026 को वह रोज की तरह अपनी एक्टिवा से व्यापार विहार स्थित दुकान पहुंचे थे। सुबह करीब 10:30 बजे उन्होंने अपनी एक्टिवा बड़ी पार्किंग में खड़ी की थी। दोपहर करीब 1 बजे जब वे वापस पार्किंग में पहुंचे तो वहां से एक्टिवा गायब थी। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी जब वाहन का पता नहीं चला तो उन्होंने तारबाहर थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारियों ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मामले की जानकारी पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह को दी गई। उन्होंने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपी की तलाश कर वाहन बरामद करने के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन में तारबाहर पुलिस की टीम ने जांच शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर संदेही पुलिस के हत्थे चढ़ा
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति त्रिवेणी भवन के आसपास घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सुनील कुमार श्रीवास को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने 20 अगस्त को व्यापार विहार की बड़ी पार्किंग के पास से काले रंग की एक्टिवा चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर उसके कब्जे से चोरी की गई एक्टिवा बरामद कर ली।
आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा
पुलिस ने रायपुर स्थित थाना खमतराई निवासी सुनील कुमार श्रीवास (35) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ थाना तारबाहर में अपराध क्रमांक 297/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस टीम की तत्परता से मिली सफलता
चोरी की घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच आगे बढ़ाई और मुखबिर की मदद से आरोपी तक पहुँची। महज 24 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी के वाहन की बरामदगी को पुलिस की तत्परता का परिणाम माना जा रहा है।