-1781780704548_v.webp)
नई दिल्ली। नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में टेलीग्राम की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार ने कहा कि परीक्षा से जुड़े लीक पेपर और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों को फैलाने में टेलीग्राम के कई चैनल, ग्रुप और बोट्स का इस्तेमाल किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
हलफनामे के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने ऐसे कई टेलीग्राम चैनलों और ग्रुप्स की पहचान की थी, जहां कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र और परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सामग्री साझा की जा रही थी। केंद्र सरकार का कहना है कि टेलीग्राम इन गतिविधियों की पहचान करने और उन्हें रोकने में सक्रिय रूप से प्रभावी कदम उठाने में नाकाम रहा।
सरकार ने अदालत को बताया कि 3 जून 2026 को टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई थी। इस दौरान अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म पर फैल रही आपत्तिजनक और अवैध सामग्री को लेकर चिंता जताई। केंद्र के मुताबिक, टेलीग्राम ने भी स्वीकार किया कि ऐसे कंटेंट का स्वतः पता लगाने की उसकी क्षमता सीमित है और मॉडरेशन टीम मुख्य रूप से रिपोर्ट किए गए चैनलों पर कार्रवाई कर रही थी।
गौरतलब है कि NEET UG-2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद विवाद गहरा गया। अब प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। सरकार और परीक्षा एजेंसियों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने का दावा किया है।