गुरुग्राम: हाई-वैल्यू एंटी-डायबिटिक इंजेक्शन के नाम पर नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की साजिश का खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी अवि शर्मा कथित तौर पर नकली “माउनजारो” इंजेक्शन को बाजार में उतारकर देशभर में सप्लाई चेन तैयार करने की कोशिश कर रहा था। जांच में सामने आया है कि वह 27–28 हजार रुपये कीमत वाले इंजेक्शन पर 28% तक की छूट देकर ग्राहकों और डीलरों को आकर्षित कर रहा था, जबकि अधिकृत कंपनियां आमतौर पर 10% तक ही डिस्काउंट देती हैं।

पुलिस और जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में सेक्टर-29 इलाके से संदिग्ध इंजेक्शनों की खेप बरामद की गई थी। आरोपी फिलहाल रिमांड पर है और पूछताछ में उसने कई राज्यों के कारोबारियों से संपर्क करने की बात कबूली है। अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि बिना वैध लाइसेंस के इतने बड़े स्तर पर सप्लाई नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कैसे की जा रही थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

गौरतलब है कि गुरुग्राम में पिछले कुछ वर्षों में नकली दवाओं के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं, जिससे दवा बाजार की निगरानी पर सवाल खड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगे और तेजी से बिकने वाले इंजेक्शनों की मांग का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।