नई दिल्ली। NEET और कथित पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध अभी भी बना हुआ है। सरकार का कहना है कि पिछले 24 घंटों में छात्र प्रतिनिधियों को चार बार बातचीत के लिए बुलाया गया, जबकि CJP का दावा है कि यदि सरकार वास्तव में संवाद चाहती है तो वह जंतर-मंतर या किसी निष्पक्ष स्थान पर बातचीत करे। इसी बीच CJP ने 24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। दिल्ली से लेकर केरल, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों तक छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। जंतर-मंतर पर सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। वहीं, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी प्रदर्शन स्थल पहुंचीं और आंदोलनकारियों से मुलाकात की।

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उन्होंने अनशन तोड़ने का फैसला लिया। सोनम वांगचुक के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने भी उनसे मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि लंबी बातचीत, कुछ महत्वपूर्ण आश्वासनों और देश में संभावित तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।

राहुल गांधी का समर्थन, शांतिपूर्ण विरोध पर जोर
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने अहिंसक विरोध को लोकतंत्र की ताकत बताते हुए छात्रों के मुद्दों पर सरकार से संवेदनशीलता के साथ संवाद करने की जरूरत पर जोर दिया।

अन्ना हजारे बोले- हिंसा नहीं, संवाद से निकले समाधान
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी छात्र आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन का समाधान हिंसा से नहीं निकल सकता। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में कई अनशन किए, लेकिन कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। अन्ना हजारे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया और सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।

देशभर में प्रदर्शन की तैयारी
CJP के देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान के बाद कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन की नजर उन स्थानों पर है जहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने की संभावना है। वहीं, सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत की संभावनाएं भी बनी हुई हैं, हालांकि अब तक किसी ठोस सहमति की घोषणा नहीं हुई है।