रायपुर। राजधानी के प्रतिष्ठित माधव राव सप्रे स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कला और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों को यह कहकर स्कूल छोड़ने की सलाह दी गई कि इन विषयों के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसके विरोध में छात्र पहले स्कूल परिसर में धरने पर बैठे और बाद में कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि वे वर्षों से इसी स्कूल में पढ़ रहे हैं और अचानक उन्हें दूसरे विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए कहना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

माधव राव सप्रे स्कूल, जो स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के अंतर्गत संचालित है, वहां अंग्रेजी माध्यम में सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध हैं, लेकिन हिंदी माध्यम के कला और वाणिज्य संकाय में शिक्षकों की भारी कमी है। वर्तमान में हिंदी माध्यम में आर्ट्स के 27 और कॉमर्स के 28 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। छात्रों का आरोप है कि पिछले सत्र में भी शिक्षकों की नियुक्ति सितंबर माह में हुई थी, जिसके कारण उनकी पढ़ाई कई महीनों तक प्रभावित रही।

छात्रों के प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई भी उनके समर्थन में मैदान में उतरी। स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिला शिक्षा कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कारण छात्रों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य स्कूलों में प्रवेश लेने की सलाह दी गई थी।

मामला बढ़ने पर जिला शिक्षा अधिकारी एमजी सतीश कुमार ने छात्रों को आश्वस्त किया कि शिक्षक की कमी के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कलेक्टर फंड और डीएमएफ (DMF) मद से शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद छात्रों का प्रदर्शन समाप्त हुआ और उन्हें स्कूल में नियमित पढ़ाई जारी रखने का भरोसा मिला है।