
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने एक महिला डॉक्टर को निशाना बनाते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.51 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पीड़िता, डॉ. पूजा किशोर, को व्हाट्सऐप के जरिए निवेश में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में भरोसा जीतने के बाद ठगों ने उन्हें चरणबद्ध तरीके से रकम ट्रांसफर करने के लिए तैयार कर लिया।
डॉ. पूजा के अनुसार, 24 अप्रैल को दो अलग-अलग नंबरों से संपर्क कर खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले लोगों ने उन्हें आकर्षक रिटर्न का झांसा दिया। बातचीत के दौरान ठगों ने भरोसा बढ़ाने के लिए पेशेवर तरीके से संवाद किया और धीरे-धीरे उन्हें छोटी-छोटी किश्तों में पैसा भेजने के लिए प्रेरित किया। कुल 13 ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1.51 लाख रुपये UPI माध्यम से ट्रांसफर कराए गए।
ठगों के निर्देश पर पीड़िता ने अपनी बैंक लिमिट पार होने के बाद दोस्तों के खातों का भी उपयोग किया, जिससे रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई। यह पूरा लेन-देन कोटक महिंद्रा बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खातों में किया गया, जिससे ठगी का नेटवर्क सुनियोजित प्रतीत होता है। जब लगातार पैसे मांगने के बावजूद कोई रिटर्न नहीं मिला, तब पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने सिटी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर मोबाइल नंबर, बैंक खातों और UPI आईडी की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। बिना सत्यापन के किसी भी योजना में पैसा लगाने से बचें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए डिजिटल सतर्कता बेहद जरूरी है।