
रायपुर। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट दावा है कि इन शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों और शिकायतों का निराकरण महज एक महीने के भीतर कर दिया जाएगा। हालांकि जमीनी हकीकत इन सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। वास्तविक स्थिति यह है कि वर्ष 2025 के सुशासन तिहार में आम जनता द्वारा दिए गए हजारों आवेदन आज तक लंबित हैं। हितग्राही लगातार अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिल पा रहा है। शासन जहां त्वरित निराकरण का दम भर रहा है वहीं कई मामलों में एक साल बीत जाने के बाद भी कार्रवाई पूरी तरह से अधूरी है।
आंकड़ों पर गौर करें तो लंबित आवेदनों की सच्चाई प्रशासनिक कार्यप्रणाली को स्पष्ट करती है। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में जिले भर में कुल 3 लाख 825 आवेदन प्राप्त हुए थे। रिकॉर्ड बताता है कि इनमें से 2 लाख 95 हजार 377 आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है जबकि 5548 आवेदन अब भी फाइलों में लंबित हैं। इन लंबित मामलों में प्रधानमंत्री आवास योजना उज्ज्वला योजना पेयजल आपूर्ति राशन कार्ड सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राहत सहायता से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मामले शामिल हैं। आंकड़ों से यह भी स्पष्ट है कि शिकायतों की तुलना में मांग संबंधी आवेदन अधिक प्राप्त हुए थे। दर्ज की गई कुल 9398 शिकायतों में से 489 शिकायतों का निराकरण अब तक नहीं हो पाया है।
रायपुर नगर निगम क्षेत्र का हाल भी इससे कुछ अलग नहीं है। निगम क्षेत्र में पूर्व में कुल 24129 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें 20876 मांग और 3259 शिकायतें मुख्य रूप से शामिल थीं। विभागीय सूत्रों के अनुसार सबसे अधिक शिकायतें सड़क नाली और निर्माण कार्यों से जुड़ी हुई थीं। यह बात भी सामने आई है कि कई मामलों में शिकायतों को केवल कागजों पर निपटाते हुए पोर्टल पर कार्य प्रक्रिया में है लिखकर बंद कर दिया जाता है लेकिन जमीनी स्तर पर आम लोगों को कोई वास्तविक राहत नहीं मिलती है।
सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से पेंडिंग हैं। राजधानी के वार्ड क्रमांक 55 हनुमान नगर मोतीनगर कमल विहार सेक्टर 1 से लगे बोरियाखुर्द शासकीय स्कूल के पीछे स्थित प्लास बिल्डर वाली गली के रहवासी सड़क और नाली की भारी समस्या से जूझ रहे हैं। परेशान हितग्राहियों ने इस संबंध में 8 मई को दोबारा अपनी शिकायत दर्ज कराई है। रहवासियों का सीधा आरोप है कि पिछले कई वर्षों से लगातार शिकायत करने के बावजूद अब तक सड़क और नाली का निर्माण नहीं कराया गया है जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इसी तरह दलदल सिवनी क्षेत्र के रहवासियों ने पिछले वर्ष के सुशासन तिहार में सड़क और नाली निर्माण की शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन एक साल बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार न तो सड़क बनी और न ही पानी निकासी के लिए नाली की व्यवस्था की गई। हालात इतने बदतर हैं कि घरों का गंदा पानी सीधे सड़क पर बह रहा है जिससे पूरे इलाके में गंदगी और बदबू का माहौल है। बारिश के दिनों में यह पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है और लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो जाता है।
इस पूरे मामले में रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह का कहना है कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का तत्काल निराकरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि अधिकतर आवेदन विकास कार्यों की मांगों से संबंधित होते हैं। इन मांगों को सरकारी योजनाओं की स्वीकृति मिलने और आवश्यक बजट उपलब्ध होने पर चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाता है। प्रशासन का अपना तर्क है लेकिन लंबे समय से लंबित समस्याओं ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है।