रुद्रपुर। उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर में सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पहाड़गंज क्षेत्र में नजूल और सीलिंग की जमीन पर बने करीब 200 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस और आदेश तामील कराए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले लगभग 350 अवैध निर्माणों की पहचान की गई थी। जिला विकास प्राधिकरण द्वारा जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद करीब 200 मामलों में ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया। प्रभावित लोगों को एक माह के भीतर भूमि खाली करने का समय दिया गया है, जिसके बाद प्रशासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

मंगलवार को अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में राजस्व विभाग, नगर निगम, पुलिस, विद्युत विभाग और जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम क्षेत्र में पहुंची। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भवन स्वामियों को आदेश सौंपे गए। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और अतिक्रमण हटाना उसकी प्राथमिकता है।

निरीक्षण के दौरान संबंधित भवनों में संचालित विद्युत कनेक्शनों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन यह पता लगाएगा कि कनेक्शन वैध प्रक्रिया के तहत दिए गए थे या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण से पहले बिजली और पेयजल कनेक्शन भी हटाए जाएंगे तथा नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच स्थानीय लोगों ने कुछ व्यक्तियों पर बाहरी लोगों को जमीन बेचने और बसाने के आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।