नई दिल्ली। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के वार्षिक कार्यक्रम में अचानक हुई गोलीबारी के बाद अफरा-तफरी मच गई और कार्यक्रम को बीच में ही रद्द करना पड़ा। घटना में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षित रहे, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को हिरासत में ले लिया।

घटना के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह हमला उन्हें ईरान के खिलाफ चल रही रणनीति से पीछे नहीं हटाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही इस घटना का सीधा संबंध ईरान से न हो, लेकिन अमेरिका अपनी नीतियों पर कायम रहेगा। ट्रंप ने हमलावर को ‘लोन वुल्फ’ बताया और कहा कि वह भारी हथियारों के साथ सुरक्षा घेरे की ओर बढ़ रहा था। इस दौरान एक सीक्रेट सर्विस एजेंट पर भी गोली चलाई गई, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बड़ा नुकसान टल गया।

ट्रंप ने इस घटनाक्रम के बीच अपनी प्रस्तावित विदेश यात्रा और कूटनीतिक वार्ताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका सख्त रुख बनाए रखेगा और किसी दबाव में आने वाला नहीं है। साथ ही, उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर आंतरिक अस्थिरता का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां निर्णय लेने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिलहाल, जांच एजेंसियां हमले के पीछे के मकसद और संभावित कनेक्शन की गहन जांच कर रही हैं।