नई दिल्ली। बेंगलुरु में कॉर्पोरेट धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आईटी कंपनी के कर्मचारी पर ऑफिस के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग कर 27 लाख रुपये से अधिक की रकम खर्च करने का आरोप लगा है। कंपनी के अनुसार, कर्मचारी को आधिकारिक खर्चों के लिए सीमित क्रेडिट लिमिट वाला कार्ड दिया गया था, लेकिन उसने अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी राशि खर्च कर दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब आंतरिक ऑडिट में असामान्य ट्रांजैक्शन सामने आए और कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया।

जांच के दौरान कर्मचारी ने ईमेल के जरिए कार्ड के गलत इस्तेमाल की बात स्वीकार की और दावा किया कि वह बाहरी दबाव में ऐसा करने को मजबूर हुआ। उसने कंपनी को भरोसा दिलाया कि वह रकम किस्तों में लौटाएगा, लेकिन तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया। आरोप है कि बाद में उसने मामले को दबाने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारी को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजीं और आत्महत्या की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश की, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

कंपनी ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर वित्तीय और नैतिक उल्लंघन मानते हुए वर्थुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन, डिजिटल साक्ष्यों और ईमेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह मामला कॉर्पोरेट सेक्टर में आंतरिक नियंत्रण, कर्मचारी आचरण और साइबर एथिक्स को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।