कोरबा। छुरी के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्रों और स्कूल प्रबंधन के बीच विवाद लगातार गहराता नजर आ रहा है। अपनी मांगों को लेकर छात्र एक बार फिर सड़क पर उतर आए। आज बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने छुरी पंचायत के सामने कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। खास बात यह है कि करीब एक महीने के भीतर छात्रों का यह तीसरा विरोध प्रदर्शन बताया जा रहा है। बार-बार हो रहे आंदोलन से विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

पंचायत के सामने बैठ गए छात्र
सुबह बड़ी संख्या में छात्र छुरी पंचायत के सामने मुख्य सड़क पर पहुंच गए और वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों के सड़क पर बैठने के बाद कोरबा-कटघोरा मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। चक्का जाम के कारण आवागमन प्रभावित हुआ और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी शिकायतों पर जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
छात्रों के मुताबिक यह पहला मौका नहीं है, जब उन्हें अपनी मांगों के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है। इससे पहले भी उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर विरोध जताया था। एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा विधायक का घेराव किए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद छात्रों ने सड़क पर चक्का जाम किया था। अब दोबारा आंदोलन शुरू होने से मामला और गंभीर हो गया है। छात्रों का आरोप है कि लगातार शिकायत और विरोध के बावजूद उनकी मुख्य मांगों पर निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई।

प्रिंसिपल और छात्रावास अधीक्षक को हटाने की मांग
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग एकलव्य आवासीय विद्यालय छुरी के प्रिंसिपल डॉ. अरसद अहमद अली और छात्रावास अधीक्षक को हटाने की है। छात्रों का कहना है कि विद्यालय और छात्रावास से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर वे पहले भी अपनी बात जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचा चुके हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
चक्का जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सहायक आयुक्त, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और थाना प्रभारी सहित कई अधिकारी छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। अधिकारी छात्रों को समझाकर सड़क से हटाने और यातायात बहाल कराने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं छात्र अपनी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

लगातार आंदोलन से बढ़ी चिंता
एकलव्य विद्यालय के छात्रों का बार-बार आंदोलन करना अब प्रशासन के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी लगातार चक्का जाम को लेकर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। फिलहाल, प्रशासन की छात्रों के साथ बातचीत जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला होगा या फिर विवाद एक और आंदोलन की ओर बढ़ेगा?