पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के पेंड्रा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। हर्री गांगपुर के बैगानटोला नदी क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि वन विभाग की गौरेला रेंजर ज्योत्सना पांडे और अन्य वनकर्मियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्रता की गई। विभाग का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए दो ट्रैक्टरों को रास्ता रोककर बलपूर्वक छुड़ा लिया गया। घटना के बाद वन विभाग ने गौरेला थाने में सूचना देकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम
मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को हर्री गांगपुर के बैगानटोला नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की सूचना मिली थी। इस पर टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान दो ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। विभाग के मुताबिक, जब्त वाहनों में 26 नग बांस करील भी मिले, जिन्हें अवैध रूप से रखा गया था।

जब्त ट्रैक्टर ले जाते समय बढ़ा विवाद
वन विभाग के अनुसार, जब्त किए गए ट्रैक्टरों को आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों और वाहन चालकों ने कथित तौर पर रास्ता रोक लिया। इसके बाद वनकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इस दौरान गौरेला रेंजर ज्योत्सना पांडे सहित वन अमले के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई। विभाग का यह भी आरोप है कि इसी दौरान जब्त किए गए दोनों ट्रैक्टरों को छुड़ाकर ले जाया गया।

वन विभाग ने थाने में दी सूचना, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद वन विभाग की ओर से गौरेला थाने में मामले की सूचना दी गई है। विभाग ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, वनकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और जब्त वाहनों को छुड़ाकर ले जाने के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, घटना से जुड़े आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में संबंधित लोगों की भूमिका और जब्त ट्रैक्टरों को ले जाने की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के आधार पर होगी।