
कोरबा : बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी जिन शिक्षकों के कंधों पर है, उन्हीं पर अगर स्कूल से गायब रहने और पढ़ाई के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप लगें तो शिक्षा व्यवस्था की हकीकत सामने आना लाजिमी है। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के सरकारी प्राथमिक शाला रोदे में पदस्थ सहायक शिक्षक मनोज कुमार बंजारे विवादों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ अनुशासनहीनता, शिक्षण कार्य में उदासीनता और छात्रों के साथ अशोभनीय व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
बिना अनुमति स्कूल से गायब, प्रधान पाठक के निर्देशों की भी अनदेखी
डीईओ की ओर से जारी आरोप पत्र में शिक्षक पर कई बार बिना अनुमति स्कूल से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया गया है। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान भी वे बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल से नदारद मिले। स्कूल के अन्य शिक्षकों ने भी उनके शिक्षण कार्य में रुचि नहीं लेने और अध्ययन-अध्यापन में अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभाने की शिकायत की है। शिक्षक के व्यवहार को लेकर भी शाला प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत की ओर से लगातार शिकायतें की गई थीं। प्रधान पाठक के निर्देशों की अनदेखी करते रहे। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों के सामने अशोभनीय व्यवहार करने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इन शिकायतों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
बारिश में टपकती छत के नीचे बैठाए बच्चे
मामला बच्चों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुरक्षित कमरों के उपलब्ध होने के बावजूद शिक्षक ने बिना उचित कारण बच्चों को ऐसे कमरे में बैठाया, जिसकी छत से बारिश के दौरान पानी टपकता था। बताया गया है कि इस वजह से एक छात्रा की तबीयत भी खराब हो गई थी।
पांच दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
शाला प्रबंधन समिति और सरपंच की लगातार शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने अब मामले में औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। डीईओ ने मनोज कुमार बंजारे को आरोप पत्र जारी करते हुए पांच दिनों के भीतर अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।