
नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक बार फिर भारतीय नाविक की जान चली गई। साइप्रस के झंडे वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में महाराष्ट्र के पुणे निवासी मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि हुई है। इस दुखद घटना ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे देश को झकझोर दिया है। सबसे भावुक बात यह रही कि मौत से कुछ ही समय पहले हेरंब ने अपने परिवार को एक संदेश भेजकर बताया था कि जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित पार कर लिया है। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही उनका आखिरी संदेश साबित होगा।
आखिरी मैसेज बन गया अंतिम याद
परिजनों के अनुसार, हेरंब ने परिवार को भेजे अपने अंतिम संदेश में लिखा था कि जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है और सब कुछ सामान्य है। इसके बाद परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। कुछ समय बाद जहाज पर हमले की खबर सामने आई और फिर कई घंटे की अनिश्चितता के बाद आज उनके निधन की पुष्टि हुई। परिवार को उम्मीद थी कि वह सुरक्षित लौट आएंगे, लेकिन यह इंतजार हमेशा के लिए अधूरा रह गया।
जहाज पर कई भारतीय सवार थे
जानकारी के अनुसार, GFX Galaxy नामक मर्चेंट शिप पर कई भारतीय नागरिक भी तैनात थे। हमला ओमान के तट के समीप हुआ, जिसके बाद जहाज पर अफरा-तफरी मच गई। विदेश मंत्रालय ने पहले बताया था कि जहाज पर मौजूद 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय लंबे समय तक लापता बताया गया। बाद में हेरंब करमरकर की मौत की पुष्टि होने से परिवार और उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार ने सरकार से लगाई गुहार
हेरंब करमरकर के ससुर ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक भारत लाने की व्यवस्था की जाए, ताकि परिवार अंतिम दर्शन कर सके। परिजनों ने कहा कि हेरंब वर्षों से मर्चेंट नेवी में सेवाएं दे रहे थे और हमेशा अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देते थे। परिवार अब सरकार से हरसंभव सहयोग की उम्मीद कर रहा है।
भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह ओमान के अधिकारियों, जहाज प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों के लगातार संपर्क में है। दूतावास ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा शव को भारत लाने की प्रक्रिया में भी आवश्यक सहयोग किया जाएगा।
लगातार बढ़ रहा समुद्री तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे पहले मंगलवार को भी इस मार्ग से गुजर रहे दो वाणिज्यिक जहाजों पर हमला हुआ था, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने ईरान के उप राजदूत (डिप्टी एंबेसडर) को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई थी।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के साथ-साथ भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। भारत लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत है।