अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि कुछ निजी अस्पतालों ने वास्तविक मरीजों की संख्या से अधिक भर्ती दर्शाकर और आयुष्मान कार्ड का कथित दुरुपयोग करते हुए लाखों रुपये का क्लेम किया गया। जांच में कई गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद पांच निजी अस्पताल जांच के दायरे में आ गए हैं। हालांकि अब तक किसी भी अस्पताल के खिलाफ बड़ी दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठने लगे हैं।

जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक मरीजों की संख्या में मिला अंतर
जांच के दौरान अधिकारियों ने अस्पतालों के दस्तावेजों और मौके की स्थिति का मिलान किया। इसी दौरान केडी (KD) अस्पताल में रिकॉर्ड और वास्तविक भर्ती मरीजों की संख्या में अंतर सामने आया। जांच टीम को अस्पताल में 20 मरीज मिले, जबकि दस्तावेजों में 29 मरीज भर्ती दर्शाए गए थे। आरोप है कि अतिरिक्त मरीजों के नाम पर आयुष्मान योजना के तहत इलाज का दावा प्रस्तुत कर सरकारी राशि प्राप्त करने की कोशिश की गई।

बिना उपचार के भी क्लेम का आरोप
प्रारंभिक जांच में ऐसे मामलों के संकेत भी मिले हैं, जिनमें मरीजों के नाम पर इलाज दर्शाकर आयुष्मान योजना से भुगतान का दावा किया गया, जबकि वास्तविक उपचार को लेकर सवाल उठे हैं। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो इसे सरकारी स्वास्थ्य योजना के दुरुपयोग और सार्वजनिक धन के कथित गबन का गंभीर मामला माना जाएगा।

पांच निजी अस्पतालों पर जांच की आंच
सूत्रों के अनुसार, अंबिकापुर के पांच निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के संचालन से जुड़े दस्तावेजों और क्लेम की जांच की जा रही है। इनमें महामाया अस्पताल का नाम भी सामने आया है, जहां प्रारंभिक स्तर पर कुछ संदिग्ध क्लेम की जानकारी मिली है। हालांकि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।

कार्रवाई का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियां अब सभी रिकॉर्ड, मरीजों के उपचार संबंधी दस्तावेज और क्लेम प्रक्रिया की बारीकी से जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों और संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग की नजर बनी हुई है।