नई दिल्ली। कॉमेडियन समय रैना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि समय रैना ने अदालत के समक्ष किए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया और कोर्ट को गुमराह किया। इसी पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने उन पर जुर्माना लगाया तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेशों का पालन करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

दिव्यांगों पर टिप्पणी से जुड़ा है मामला
यह मामला 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) सहित दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और दिव्यांगजनों के हित में कार्य करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया था। साथ ही संबंधित संस्था से संपर्क कर सहायता और फंड जुटाने के प्रयासों की जानकारी भी मांगी गई थी।

कोर्ट बोला- आदेशों का पालन नहीं हुआ
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि कोर्ट के निर्देशों के बावजूद समय रैना ने अब तक संबंधित SMA फाउंडेशन से संपर्क नहीं किया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अदालत के समक्ष किए गए वादों का पालन नहीं किया गया और इससे न्यायालय को गुमराह करने की स्थिति बनी। पीठ ने यह भी टिप्पणी की कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों की समाज के प्रति विशेष जिम्मेदारी होती है।

'युवा क्या सीखेंगे?'
सुनवाई के दौरान पीठ ने समय रैना की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह चिंता का विषय है कि युवा किस तरह के लोगों को अपना आदर्श मान रहे हैं। अदालत ने कहा कि हास्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का माध्यम हो सकता है, लेकिन किसी वर्ग की गरिमा और सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी अदालत के समक्ष कहा कि समाज में युवाओं के लिए बेहतर आदर्श मौजूद हैं और सार्वजनिक मंचों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। इस पर अदालत ने कहा कि जो लोग सार्वजनिक जीवन में हैं, उन्हें दूसरों की भावनाओं और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।

हलफनामा दाखिल करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को निर्धारित अवधि के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने और आदेशों के अनुपालन से संबंधित हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में आदेशों का पालन नहीं किया गया तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान समय रैना की ओर से पेश वकील ने कहा कि शो में दिव्यांग व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया गया था और अगर किसी संबंधित संस्था तक संपर्क नहीं हो सका तो इस संबंध में अपने मुवक्किल से चर्चा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अदालत ने कहा कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आदेशों का वास्तविक पालन भी आवश्यक है।