बिलासपुर : जमीन की रजिस्ट्री कराकर भुगतान के नाम पर ऐसा चेक दिया कि किसान को अपनी ही जमीन के सौदे की रकम के लिए बैंक और थाने के चक्कर लगाने पड़ गए। बिलासपुर जिले के पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम विद्याडीह में जमीन खरीदी-बिक्री के इस मामले में 2.76 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि पहला चेक भुगतान में अटकने के बाद आरोपी ने दूसरा चेक दिया, लेकिन वह भी बैंक में बाउंस हो गया। पीड़ित किसान की शिकायत पर पुलिस ने मुंगेली निवासी मनीराम कश्यप के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रजिस्ट्री पूरी, लेकिन खाते में नहीं पहुंचे पैसे

पुलिस के मुताबिक, विद्याडीह टांगर निवासी गोविंद प्रसाद दिनकर (51) ने अपनी पैतृक जमीन खसरा नंबर 262/1 और 263, कुल रकबा 0.166 हेक्टेयर, का सौदा मुंगेली जिले के शांतिपारा छतौना निवासी मनीराम कश्यप से किया था। 24 मार्च को उप-पंजीयक कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री भी करा दी गई। सौदे के बदले 2.76 लाख रुपये का भुगतान किया जाना था। आरोप है कि मनीराम ने अपने खाते से भुगतान करने के बजाय नरोत्तम कुमार निषाद के नाम का बंधन बैंक का चेक गोविंद प्रसाद को दे दिया। किसान ने जब चेक क्लियर कराने के लिए बिलासपुर स्थित एसबीआई की एसईसीएल शाखा में जमा किया, तो अंकों और शब्दों में लिखी रकम में अंतर के कारण बैंक ने भुगतान रोक दिया।

पहला फंसा तो दूसरा थमाया चेक, वह भी हो गया बाउंस

पहले चेक से भुगतान नहीं होने पर गोविंद प्रसाद ने आरोपी से संपर्क किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने चेक वापस ले लिया और उसकी जगह गोविंद नट नामक व्यक्ति के खाते का दूसरा चेक दे दिया। किसान को उम्मीद थी कि इस बार रकम मिल जाएगी, लेकिन 2 मई को बैंक में चेक लगाने पर फिर निराशा हाथ लगी। खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने और हस्ताक्षर का मिलान नहीं होने के कारण दूसरा चेक भी बाउंस हो गया। लगातार दो चेक से भुगतान नहीं होने के बाद किसान को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। इसके बाद उसने पचपेड़ी थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।

आरोपी पर पुलिस ने दर्ज किया केस

शिकायत की जांच के बाद पचपेड़ी पुलिस ने मनीराम कश्यप के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस पूरे लेन-देन, दोनों चेक और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में आरोपी की भूमिका और कथित धोखाधड़ी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।