
कोतबा। जशपुर जिले में कोतबा से बागबहार को जोड़ने वाली करीब 13 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क की बदहाली को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के लगभग नौ महीने बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। लगातार बारिश के बाद सड़क जगह-जगह गहरे गड्ढों, कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग अब विकास की सड़क नहीं, बल्कि 'मौत का रास्ता' बन चुका है, जहां हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है।
पहली बारिश में खुली सड़क की हकीकत
बारिश शुरू होते ही सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। कई स्थानों पर डेढ़ से दो फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं, जबकि सड़क पर पानी भरने से गड्ढों का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं और चारपहिया वाहनों को भी बेहद धीमी गति से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग चोटिल हो चुके हैं और रात के समय यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है।
हजारों लोगों की जीवनरेखा बनी परेशानी
यह सड़क केवल कोतबा और बागबहार को ही नहीं जोड़ती, बल्कि जिला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय तथा ओडिशा और झारखंड की ओर जाने वाले मार्ग का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिदिन इसी सड़क से स्कूली बच्चे, मरीज, किसान, व्यापारी, यात्री बसें और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। खराब सड़क के कारण एंबुलेंस सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अनावश्यक देरी हो रही है, जबकि स्कूली बच्चों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को लगातार जोखिम उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने PWD और ठेकेदार पर लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई। गड्ढों में गुणवत्ताहीन गिट्टी और सड़क किनारे की मिट्टी डालकर काम पूरा दिखा दिया गया, जो पहली ही बारिश में बह गई।ग्रामीणों का आरोप है कि पहले निर्माण शुरू न होने का कारण डीजल और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतें बताया गया था, लेकिन अब परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया।
PWD अधिकारी से नहीं हो सका संपर्क
मामले में जब लोक निर्माण विभाग के एसडीओ संतोष पैंकरा से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज बिसेन ने सड़क की खराब स्थिति स्वीकार करते हुए कहा कि इस मुद्दे को आगामी टीएल बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास के समक्ष रखा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाएंगे।
आंदोलन की चेतावनी
सड़क की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर क्षेत्र में जनाक्रोश बढ़ रहा है। स्थानीय युवा नेता आकाश मित्तल समेत कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। वहीं जशपुर जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुमित शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से समर्थन की अपील करते हुए घोषणा की है कि यदि सड़क निर्माण शीघ्र शुरू नहीं हुआ तो कोतबा से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया तक 'पदयात्रा सत्याग्रह' निकाला जाएगा।
40 करोड़ की परियोजना पर उठ रहे सवाल
करीब 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से पूरी परियोजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते काम शुरू नहीं किया गया तो बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाएगी तथा दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता जाएगा।ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन और लोक निर्माण विभाग तत्काल निर्माण कार्य शुरू कर सड़क को यातायात योग्य बनाए, ताकि लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर न करना पड़े।