राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सरकारी मदिरा दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने का मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त कार्यालय ने मामले को गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए एक आबकारी उप निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं जिला आबकारी अधिकारी (DEO) को नियंत्रण में लापरवाही बरतने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। यह कार्रवाई संभागीय उड़नदस्ता, दुर्ग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण और विभाग की ओर से कराई गई जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद की गई।

औचक जांच में खुली गड़बड़ी
आबकारी विभाग के अनुसार, संभागीय उड़नदस्ता टीम ने जिले की विभिन्न सरकारी शराब दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इसके अलावा विभाग ने ग्राहकों के माध्यम से भी खरीदारी कराकर वास्तविक बिक्री दर की जांच कराई। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ दुकानों में शासन द्वारा तय अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत वसूली जा रही थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आबकारी आयुक्त कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई शुरू की।

लखोली दुकान में अधिक कीमत वसूलने का मामला
जांच में पहली अनियमितता मंडी बाइपास, लखोली रोड स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान में सामने आई। आरोप है कि वहां पदस्थ मल्टीवर्कर शुभम कुमार भोईर ने 20 जम्मू स्पेशल व्हिस्की की बोतलें, जिनकी निर्धारित कुल कीमत 2,400 रुपये थी, उन्हें 2,500 रुपये में बेच दिया। यानी ग्राहकों से निर्धारित दर से अधिक राशि वसूली गई।

रेवाडीह दुकान में भी मिली समान गड़बड़ी
दूसरा मामला रेवाडीह स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान क्रमांक-1 का है। यहां सेल्समैन हरीश साहू पर आरोप है कि उसने सुप्रीम डीलक्स व्हिस्की के 20 पाव की निर्धारित कीमत 2,400 रुपये के बजाय 2,500 रुपये वसूल किए। दो अलग-अलग दुकानों में एक जैसी अनियमितता सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना।

उप निरीक्षक निलंबित, जिला आबकारी अधिकारी को नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी आयुक्त कार्यालय ने रेवाडीह दुकान के प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक दिलीप कुमार प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया है कि उनके कार्यक्षेत्र में इस प्रकार की अनियमितता पाया जाना उनके शिथिल नियंत्रण और कर्तव्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। इसके अलावा जिला आबकारी अधिकारी राजेश शर्मा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में ऐसी अनियमितताएं कैसे हुईं और प्रभावी निगरानी क्यों नहीं रखी गई। उन्हें सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने दिए सख्त निगरानी के संकेत
आबकारी विभाग का कहना है कि सरकारी मदिरा दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है और ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण और गुप्त जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।