
तिल्दा-नेवरा। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा में मंगलवार देर रात पुलिस ने बड़े पैमाने पर सघन सत्यापन अभियान चलाकर पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। भारी पुलिस बल के साथ अलग-अलग टीमों ने कई कॉलोनियों और संवेदनशील इलाकों में एक साथ दबिश दी। इस दौरान किरायेदारों, बाहरी लोगों और संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। अचानक शुरू हुए इस अभियान से कई इलाकों में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस की कार्रवाई देर रात तक जारी रही और कई स्थानों पर लोगों से मौके पर ही पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज मांगे गए।
कई मोहल्लों में एक साथ पहुंची पुलिस
जानकारी के अनुसार पुलिस की टीमों ने सोनी हॉस्पिटल के पीछे स्थित कॉलोनी, मकान कॉलोनी सहित शहर के कई इलाकों में एक साथ सर्च और वेरिफिकेशन अभियान चलाया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में घर-घर जाकर किरायेदारों और बाहर से आकर रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने मकान मालिकों से भी किरायेदारों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा और जिन लोगों का स्थानीय स्तर पर सत्यापन नहीं हुआ था, उन्हें तत्काल दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
500 से अधिक लोगों को थाने बुलाया गया
अभियान के दौरान करीब 500 लोगों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए तिल्दा-नेवरा थाने बुलाया गया। देर रात तक थाने में लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस ने एक-एक व्यक्ति के पहचान पत्र, निवास संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और क्षेत्र में रह रहे बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
इंडस्ट्रियल एरिया होने से बढ़ी निगरानी
तिल्दा-नेवरा औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों और जिलों से श्रमिक, कर्मचारी और किरायेदार आकर रहते हैं। पुलिस का कहना है कि कई लोगों ने अब तक स्थानीय थाने में अपना किरायेदार सत्यापन या निवास संबंधी जानकारी दर्ज नहीं कराई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया, ताकि क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा सके।
आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस केवल पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन ही नहीं कर रही है, बल्कि यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है, कोई फरार आरोपी या वारंटी क्षेत्र में छिपकर तो नहीं रह रहा, अथवा किसी संदिग्ध गतिविधि से जुड़े लोग यहां निवास तो नहीं कर रहे। जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले व्यक्तियों की जानकारी विभिन्न पुलिस रिकॉर्ड और अपराध शाखा के डेटाबेस से भी मिलाई जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि शहर में किरायेदार सत्यापन और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। साथ ही मकान मालिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी किरायेदार को रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को रोका जा सके।