
कोरबा : मोबाइल पर चल रहा पसंदीदा कार्यक्रम अचानक बंद हुआ तो महिला इस कदर नाराज हुई कि उसने अपना मोबाइल ही जमीन पर पटककर तोड़ दिया। इसके कुछ ही देर बाद वह कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। करीब 10 मिनट बाद जब बाहर आई तो उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। परिजनों को कमरे में कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। घटना कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र स्थित केराकछार गांव की है।
पति मजदूरी करने गया था, घर पर थी महिला
पुलिस के अनुसार, केराकछार निवासी प्रेमलाल सारथी (55) दिहाड़ी मजदूरी करता है। वह अपनी पत्नी मंगलो बाई (52) और दो बच्चों के साथ रहता था। उसका बड़ा बेटा कोरबा शहर में अलग रहता है। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे प्रेमलाल काम के सिलसिले में घर से बाहर गया हुआ था। बताया जा रहा है कि मंगलो बाई मोबाइल पर ऑनलाइन वीडियो और कार्यक्रम देखने की आदी थी। घटना के समय वह भोजन करते हुए मोबाइल पर अपना पसंदीदा कार्यक्रम देख रही थी। इसी दौरान अचानक इंटरनेट सिग्नल चला गया और वीडियो रुक गया।
सिग्नल नहीं आया तो मोबाइल पटककर तोड़ दिया
काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब इंटरनेट नहीं चला तो महिला नाराज हो गई। गुस्से में उसने मोबाइल फोन फर्श पर पटक दिया, जिससे मोबाइल टूट गया। इसके बाद वह कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। करीब 10 मिनट बाद वह कमरे से बाहर निकली और खाट पर बैठ गई। कुछ ही देर उसे अचानक उल्टियां होने लगीं। बच्चों ने पहले इसे सामान्य तबीयत खराब होना समझा, लेकिन कुछ देर बाद घर में कीटनाशक जैसी तेज दुर्गध फैलने लगी।
कमरे में मिला खाली कीटनाशक का डिब्बा
महिला की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर पति भी घर पहुंच गया। परिवार ने कमरे की तलाशी ली तो वहां कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। इसके बाद परिजनों को आशंका हुई कि महिला ने कीटनाशक का सेवन किया है। परिजनों ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी और महिला को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर शाम करीब 5 बजे उसे संजीवनी वाहन से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन करीब एक घंटे बाद महिला ने दम तोड़ दिया।
घरेलू नुस्खे से और बिगड़ गई महिला की हालत
बताया जा रहा हैं कि अस्पताल ले जाने से पहले परिजनों ने महिला को गोबर का पानी पिला दिया था। चिकित्सकीय आपातस्थिति में ऐसे घरेलू उपाय नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे परिस्थिति में कोई घरेलू पदार्थ पिलाने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना के पीछे महिला द्वारा उठाए गए इस कदम की वास्तविक वजह क्या थी, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।