
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी के बीच भालुओं के हमले की घटना सामने आई है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अरसीकन्हार रेंज अंतर्गत तुमडीबहार इलाके में चार भालुओं ने दो युवकों पर अचानक हमला कर दिया। अचानक सामने आए भालुओं के झुंड से दोनों युवकों में अफरा-तफरी मच गई। हमले के दौरान एक युवक किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा, जबकि दूसरे युवक को भालुओं ने घायल कर दिया। घायल युवक को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया गया।
जंगल की ओर जाते समय अचानक सामने आए भालू
जानकारी के अनुसार, दोनों युवक तुमडीबहार इलाके में जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक चार भालू उनके सामने आ गए। युवकों को देखते ही भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से दोनों युवकों को संभलने का मौका नहीं मिला। एक युवक किसी तरह वहां से भाग निकला। वहीं दूसरा युवक भालुओं के बीच घिर गया और उसके ऊपर हमला हो गया।
शोर मचाकर युवक ने बचाई जान
बताया जा रहा है कि भालुओं के हमले के दौरान युवक ने हिम्मत नहीं छोड़ी और जोर-जोर से शोर मचाते हुए मदद के लिए आवाज लगाई। उसकी चीख-पुकार सुनने के बाद भालू वहां से जंगल की ओर चले गए। इसके बाद घायल युवक को मौके से निकालकर उपचार के लिए नगरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हमले में उसे चोटें आई हैं और अस्पताल में उसका इलाज किया गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत
भालुओं के हमले की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जंगल से लगे इलाकों में अक्सर ग्रामीणों का आना-जाना होता है, ऐसे में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है। वन क्षेत्र में अचानक वन्यजीवों से सामना होने की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं और अकेले जंगल क्षेत्र में जाने से बचें।
वन विभाग की अपील, जंगल में रहें सतर्क
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे इलाकों में ग्रामीणों और वन्यजीवों के बीच आमना-सामना होने की संभावना बनी रहती है। भालू या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उनके करीब जाने, उन्हें घेरने या छेड़ने से बचना जरूरी है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, जंगल से लगे इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत बताई जा रही है।