अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आवारा सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला की रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क पर पशु छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सांड के हमले में गंभीर रूप से हुई थीं घायल
जानकारी के अनुसार, मृतका अंबिकापुर के भाठूपारा क्षेत्र की निवासी थीं। कुछ दिन पहले वह सड़क पर आवारा घूम रहे एक सांड के हमले का शिकार हो गई थीं। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद पहले उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया।

इलाज के दौरान मौत, लोगों में बढ़ा आक्रोश
रायपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। वहीं शहरवासियों ने भी आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या पर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों पर खुलेआम घूम रहे सांड और मवेशियों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।

नगर निगम ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
घटना के बाद महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि शहर में आवारा पशुओं के कारण लोगों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नगर निगम की टीम को भी आवारा पशुओं को पकड़ने और शहर में अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

महापौर ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि शहर को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और आम लोगों दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।