गर्मियों का बढ़ता तापमान सिर्फ थकान और डिहाइड्रेशन ही नहीं बढ़ाता, बल्कि Arthritis से पीड़ित लोगों की परेशानी भी ज्यादा कर सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का सीधा असर जोड़ों की सेहत पर पड़ता है, जिससे दर्द, सूजन और जकड़न की समस्या बढ़ सकती है। खासतौर पर Osteoarthritis, Rheumatoid arthritis और Gout के मरीजों को गर्मियों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर तेजी से पानी खोता है। ऐसे में अगर पर्याप्त मात्रा में पानी न पिया जाए तो जोड़ों के आसपास मौजूद लुब्रिकेशन प्रभावित हो सकता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ने लगती है। एम्स के रूमेटोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा गर्मी रूमेटिक कंडीशन्स को फ्लेयर कर सकती है और मरीजों में जोड़ों का दर्द, अकड़न और सूजन बढ़ सकती है।arthritis-patient

डॉक्टर बताते हैं कि Lupus जैसे ऑटोइम्यून रोगों से पीड़ित लोगों को गर्मियों में ज्यादा परेशानी हो सकती है। तेज धूप और हाई यूवी किरणों की वजह से स्किन रैशेज, जलन और ज्वाइंट पेन बढ़ सकता है। इसके अलावा जो लोग लंबे समय से दर्द की दवाइयां ले रहे हैं, उनमें डिहाइड्रेशन के कारण किडनी पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अर्थराइटिस या गाउट के मरीजों को गर्मियों में खुद को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। अगर डॉक्टर ने पानी की मात्रा सीमित करने को न कहा हो, तो दिनभर में 3 से 4 लीटर तक पानी पीना फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए, बाहर जाते समय सनस्क्रीन, छाता और चेहरे को ढकने का इस्तेमाल करना चाहिए। ढीले और ब्रीदेबल कपड़े पहनने से भी शरीर को गर्मी से राहत मिलती है और परेशानी कम हो सकती है।