शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है। संजौली, रिझाना और रामनगर क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, वाहन मलबे में दब गए और कई रिहायशी इमारतों पर खतरा मंडराने लगा। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

संजौली में लैंडस्लाइड, कई इमारतें खतरे की जद में
जानकारी के अनुसार, आज तड़के करीब 4 बजे संजौली कॉलेज के पास बोथवेल क्षेत्र में अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया। भूस्खलन के कारण एक सुरक्षा दीवार (डंगा) टूटकर नीचे रिहायशी इलाके की ओर आ गिरी, जिससे मकानों तक जाने वाला रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद आसपास की तीन से चार इमारतें खतरे की जद में आ गई हैं और यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो बड़ा हादसा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि इसी इलाके में पिछले वर्ष भी भीषण भूस्खलन हुआ था, जिसमें कई घर प्रभावित हुए थे।Shimla Landslide 10

रिझाना में मलबे में दबे वाहन
लगातार बारिश के बीच रिझाना क्षेत्र में भी पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टानें, बोल्डर और मिट्टी सड़क पर आ गिरी। भूस्खलन की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़े दो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मलबे में दब गए। सौभाग्य से घटना के समय वाहनों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।Shimla Landslide 12

रामनगर में ढहा पुराना मकान
उधर, रामनगर इलाके में बारिश के कारण एक जर्जर और पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान पहले से खाली होने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र के अन्य जर्जर भवनों का तत्काल सर्वे कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।Shimla Landslide 1

प्रशासन ने जारी की सतर्कता सलाह
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दल तत्काल तैनात किए जाएंगे।