नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर का बयान चर्चा का विषय बन गया है। चौथे टी20 मुकाबले में हार के साथ सीरीज हाथ से निकलने के बाद अय्यर ने कहा कि टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और युवा खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों में खुद को ढालने के लिए समय देने की जरूरत है। हालांकि लगातार मिल रही हार के बीच उनके इस बयान पर क्रिकेट प्रशंसकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

हार के बाद क्या बोले अय्यर?
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम में कई युवा खिलाड़ी पहली बार विदेशी परिस्थितियों में खेल रहे हैं। ऐसे में उनसे गलतियां होना स्वाभाविक है और यही अनुभव भविष्य में उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाएगा। उन्होंने कहा, "यह बदलाव का दौर है। हम गलतियां करेंगे, लेकिन इन्हीं गलतियों से खिलाड़ी सीखेंगे कि विदेशी परिस्थितियों में किस तरह खुद को ढालना है और सही फैसले कैसे लेने हैं।"

बल्लेबाजी और रणनीति पर भी जताई निराशा
अय्यर ने स्वीकार किया कि चौथे टी20 में भारतीय टीम का 158 रन का स्कोर चुनौतीपूर्ण नहीं था। उन्होंने माना कि बल्लेबाजी के दौरान टीम अपनी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं कर सकी और मैच के अहम मौकों पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई। उनके अनुसार, टीम को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार की जरूरत है।

लगातार हार से बढ़ा दबाव
इंग्लैंड दौरे से पहले भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भी हार का सामना करना पड़ा था। अपने घरेलू मैदान पर आयरलैंड ने भारत को 2-0 से हराकर पहली बार उसके खिलाफ टी20 सीरीज जीती थी। लगातार दो सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन और कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं।

अब प्रदर्शन से देनी होगी जवाब
टीम में कई नए खिलाड़ियों को अवसर जरूर मिला है, लेकिन इनमें से अधिकांश खिलाड़ी आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव रखते हैं। ऐसे में अब भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी कमियों को जल्द दूर कर जीत की राह पर लौटने की है। आने वाले मुकाबलों में सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि टीम आलोचनाओं का जवाब मैदान पर अपने प्रदर्शन से किस तरह देती है।