
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से इंसानियत और व्यवस्था की हकीकत को एक साथ बयां करती तस्वीर सामने आई है। भैयाथान विकासखंड के एक गांव में बरसात के दौरान उफनते नाले ने बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल कर दिया है। ऐसे में गांव का एक किसान अपनी जान की परवाह किए बिना रोज़ मासूम बच्चों को कंधे पर बैठाकर नाला पार करा रहा है, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो। किसान का यह मानवीय प्रयास जहां लोगों का दिल जीत रहा है, वहीं ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिया नहीं, हर बारिश में थम जाती है बच्चों की राह
जानकारी के मुताबिक, मामला भैयाथान विकासखंड की ग्राम पंचायत कारीमाटी के परसिया (पड़ोपारा) का है। पंचायत भवन के पास स्थित मरघेतिया नाला पर आज तक पुलिया का निर्माण नहीं हो सका है। बारिश शुरू होते ही नाला उफान पर आ जाता है और गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है, जिन्हें रोज़ इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है।
किसान बना बच्चों का सहारा
जब नाले का तेज बहाव बच्चों के लिए खतरा बन गया, तब गांव के एक किसान ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। वह रोज़ बच्चों को एक-एक कर अपने कंधे पर बैठाकर सुरक्षित नाला पार कराता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसान यह जिम्मेदारी न निभाए, तो कई बच्चे बरसात के दिनों में स्कूल ही नहीं पहुंच पाएंगे।
ग्रामीणों का आरोप- सालों से सिर्फ आश्वासन
ग्रामीणों का कहना है कि मरघेतिया नाला पर पुलिया निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। उनका आरोप है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है, फिर भी स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
बच्चों को कंधे पर बैठाकर नाला पार कराते किसान की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे एक ओर मानवता की मिसाल बता रहे हैं, तो दूसरी ओर इसे ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरी बुनियादी सुविधाओं का आईना भी मान रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अब पुलिया निर्माण की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि मरघेतिया नाला पर पुलिया बन जाती है, तो न केवल बच्चों का स्कूल जाना सुरक्षित होगा, बल्कि पूरे गांव की आवाजाही भी आसान हो जाएगी। अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि इस बार वायरल तस्वीर के बाद क्या वर्षों पुरानी मांग पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है।