हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ तरीके से बढ़े और उसकी लंबाई उम्र के अनुसार विकसित हो. हालांकि बच्चों की हाइट केवल आनुवंशिक कारणों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि संतुलित पोषण, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और समग्र स्वास्थ्य भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन और किशोरावस्था के दौरान शरीर को सही मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलने पर ग्रोथ की गति प्रभावित हो सकती है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D, आयरन, जिंक और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व बेहद जरूरी होते हैं. प्रोटीन मांसपेशियों और ऊतकों के निर्माण में मदद करता है, जबकि कैल्शियम और विटामिन D हड्डियों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. आयरन शरीर में ऑक्सीजन के बेहतर संचार में मदद करता है, जिससे बच्चे अधिक सक्रिय और ऊर्जावान बने रहते हैं.

बच्चों की बेहतर ग्रोथ के लिए उनकी डाइट में फल, हरी सब्जियां, दूध और डेयरी उत्पाद, दालें, अंडे, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना जरूरी माना जाता है. इसके साथ ही पर्याप्त नींद, नियमित खेलकूद और आउटडोर एक्टिविटी भी शरीर के प्राकृतिक विकास को बढ़ावा देती हैं.

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बच्चों को जंक फूड, अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ, लंबे समय तक मोबाइल और टीवी स्क्रीन के सामने बैठने जैसी आदतों से दूर रखना चाहिए. देर रात तक जागना और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी ग्रोथ पर नकारात्मक असर डाल सकती है. स्वस्थ दिनचर्या और संतुलित खानपान बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास दोनों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं.