मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आज सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बहरमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर स्कूली बच्चों को लेकर जा रही वैन पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। हादसे में दो स्कूली छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य छात्र घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह दुर्घटना पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल में कर्णसुबर्ण और गोबिंदपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे फाटक के पास हुई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।

ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल वैन रोज की तरह बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। इसी दौरान चालक ने रेलवे लेवल क्रॉसिंग पार करने का प्रयास किया। तभी सामने से आ रही निमतिता-काटोया पैसेंजर ट्रेन वैन से टकरा गई। ट्रेन की रफ्तार और टक्कर का असर इतना जबरदस्त था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि वैन में चालक समेत कुल आठ लोग सवार थे। हादसे के बाद कुछ बच्चे वाहन में ही फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।

स्थानीय लोगों ने शुरू किया राहत कार्य
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। घायलों को तत्काल बाहर निकालकर पहले कर्णसुबर्ण ब्लॉक अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में गंभीर रूप से घायल छात्रों को बेहतर उपचार के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और कुछ देर तक वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

रेलवे फाटक की व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने रेलवे लेवल क्रॉसिंग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एक ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खोल दिया गया, जबकि दूसरी लाइन पर दूसरी पैसेंजर ट्रेन आ रही थी। लोगों का कहना है कि यदि फाटक बंद रखा जाता या पर्याप्त चेतावनी दी जाती, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक रेलवे प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना मानवीय भूल, तकनीकी खामी या किसी अन्य कारण से हुई।

पुलिस और रेलवे ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए हैं। रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने हादसे के कारणों की संयुक्त जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।

साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतक छात्रों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।